Friday, April 13, 2012

VISUAL BASIC IN HINDI

मेरा यह ब्लॉग उन छात्रों के लिए है, जो कंप्यूटर सॉफ्टवेर डेवेलपर तो बनना चाहते है, पर सभी कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा की जानकारी अंग्रेजी में होने के कारण उनको पढने में काफी कठिनाई  का सामना करना पड़ता है / मै सबसे पहले आपको विजुअल बेसिक कंप्यूटर प्रोग्राम्मिंग भाषा के बारे में आपको बतलाऊंगा /

    तो आइये जानते है की विजुअल  बेसिक क्या है  ?

विजुअल बेसिक तीसरी पीढ़ी की इवेंट ड्रिवेन प्रोग्राम्मिंग भाषा है, जिसके पास अपना इंटेग्रेटेड डेवेलपमेंट एनवायरनमेंट होता है /
अब  जानते है की 
इवेंट ड्रिवेन प्रोग्राम्मिंग क्या है ? , इवेंट ड्रिवेन प्रोग्राम्मिंग कंप्यूटर प्रोग्राम्मिंग का एक ऐसा तरीका है, जिसमे प्रोग्राम के कंट्रोल फ्लो को हम कंप्यूटर में होनेवाली घटनाओ के आधार पे तय करते है / ये  घटनाये कंप्यूटर को चलाने के लिए मौजूद सेन्सर्स के आउटपुट हो सकते है, या कंप्यूटर यूजर के द्वारा किये गए कार्य हो सकते है , जैसे कंप्यूटर के माउस के क्लिक या यूजर के द्वारा कीबोर्ड के बटन को दबाना हो सकता है /

इंटेग्रेटेड डेवेलपमेंट एनवायरनमेंट    एक सॉफ्टवेयर ऐप्लिकेसन  होता है ,जिसमे कंप्यूटर के प्रोग्रामर के सोफ्टवेयर डेवेलप करने के लिए सारी सुविधाएँ व्यापक रूप से मौजूद होती है /
  एक इंटेग्रेटेड डेवेलपमेंट एनवायरनमेंट  या   आई डी इ  में मुख्यतः तीन चीजे  होती है
एक सोर्स कोड एडिटर
ब्युल्ड औटोमेसन टूल
और एक डिबगर

 सोर्स कोड एडिटर    एक ऐसा टेक्स्ट एडिटर जो कंप्यूटर प्रोग्रामर के द्वारा लिखे गए सोर्स कोड की एडिटिंग  करने के लिए बनाया जाता है  /

ब्युल्ड औटोमे     ब्युल्ड औटोमेन एक ऐसी किर्या है, जो सोफ्टवेयर डेवेलपर के प्रतिदिन के कार्यों को औटोमेट कर देता है  / सोफ्टवेयर डेवेलपर के कार्य निम्न हो सकते है  :

कंप्यूटर के सोर्स कोड को बाइनरी कोड में कम्पाइल करना
बाइनरी कोड की पैकेजिंग करना
रनिंग टेस्ट  और
सोफ्टवेयर के डॉक्युमेंटेसन तैयार करना    

  डिबगर   एक डिबगर का काम होता है ,सोर्स कोड  में मौजूद गलतियों को ढूँढना और कंप्यूटर स्क्रीन पे दिखाना  /



विसुअल बेसिक किसी भी प्रोग्राम्मिंग भाषा को सिखने  की तुलना में सबसे आसान है / विसुअल बेसिक को बेसिक कंप्यूटर प्रोग्राम्मिंग भाषा से प्राप्त किया गया है ,इसकी अपनी खासियत यह है की ,इसमें  रैपिड एप्लीकेशन डेवेलपमेंट, आर ए डी और ग्राफिकल यूसर इंटरफ़ेस एप्लीकेशन होता है /

रैपिड एप्लीकेशन डेवेलपमेंट  यह सॉफ्टवेयंर डेवेलप करने का एक तरीका है, जिसमे हम सॉफ्टवेयर के प्रोटोटाइप तैयार करने की प्लानिंग करते है / जो सोफ्टवेयर हम डेवेलप करते है, उसकी प्लानिंग  रैपिड एप्लीकेशन डेवेलपमेंट
का इस्तेमाल करके करते है /   

ग्राफिकल यूसर इंटरफेस    एक ऐसा स्पेस होता है, जो कंप्यूटर यूजर और इलेक्ट्रोनिक  डीवाइस्  के बीच टेक्स्ट के जगह पे चित्र का इस्तेमाल करके संवाद स्थापित करता है  /


LANGUAGE FEATURES

बेसिक कंप्यूटर प्रोग्राम्मिंग भाषा की तरह ही विसुअल बेसिक को नए प्रोग्रामर को ये भाषा आसानी से सिखने और इस्तेमाल करने के लिए बनाई गयी थी  /
इस भाषा का इस्तेमाल करके प्रोग्रामर न सिर्फ छोटे- मोटे एप्लिकेशन को बना सकते है ,बल्कि इसका इस्तेमाल जटिल सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए भी होता है /
विसुअल बेसिक प्रोग्राम्मिंग मे फॉर्म पे मौजूद कंट्रोल्स और कॉम्पोनेन्ट को हम अरेंज करते है ,साथ ही साथ ये अरेंजमेंट प्रोग्रामर कंप्यूटर स्क्रीन पे देखते हैप्रोग्रामर उन कॉम्पोनेन्ट के गुण या उनके कार्य तय करते है,अगर उनमे अपनी इच्छा के अनुरूप कुछ और विशेषता जोड़ना है, तो उसके लिए अलग से कोड लिखने की जरूरत होती है / फॉर्म पे मौजूद कॉम्पोनेन्ट की विशेषताएं और उनके कार्य पहले ही से निर्धारित होती है /,इसलिए एक आसान से प्रोग्राम जिसमे एक अच्छी -खासी सोर्स कोड की लाइन लिखना पड़ता है ,उसे  बनाने के लिए किसी प्रोग्रामर की जरूरत नहीं होती है  / प्रोग्राम को कम्पाइलर में  कम्पाइल  किया जा सकता है, लेकिन फिर भी रनटाइम  लाइब्रेरी की आवश्यकता होती है, जिसकी साइज लगभग  1 मेगा बाइट तक की हो सकती  है



फॉर्म को बनाने के लिए ड्रैग एंड ड्रॉप तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है ,अब आपके मन में यह प्रश्न जरूर उठा होगा की आखिर ये ड्रैग एंड ड्रॉप तकनीक है क्या ? कंप्यूटर के ग्राफिकल यूजर इंटरफेस में ड्रैग एंड ड्रॉप ऐसी क्रिया है , जिसमे किसी आभासी वस्तु को कंप्यूटर यूजर पहले पकड़ते है, और फिर उसे फिर उसे किसी दुसरे जगह या आभासी वस्तु पर खीच कर ले जाते है और वहाँ उसे छोड़ देते है /  इस औजार या टूल का इस्तेमाल हम फॉर्म पे कंट्रोल्स  जैसे टेक्स्ट बॉक्स ,बटन रखने के लिए करते हैं   / कंट्रोल्स की अपनी विशेषताएं होती है, और उससे जुडी इवेंट हैण्डलर होती है /   इवेंट हैण्डलर  : कम्पुटिंग  में, इवेंट एक ऐसा कार्य होता है, जिसकी शुरुआत प्रोग्राम के स्कोप के बाहर होती है, और जिसको प्रोग्राम में मौजूद छोटे से कोड के टुकड़े से हैण्डल किया जाता है  /
कंट्रोल्स की बहुत सारी  विशेषताओं को यूजर के क्रियाकलाप और कार्यों के अनुसार रनटाइम के समय में बदला जा सकता है / किसी इवेंट हैण्डलर में  जब हम कोड को डालते हैजो किसी टेक्स्ट बॉक्स के कीबोर्ड के बटन को दबाने से जो इवेंट या घटना होना है उसके लिए है, तो जब किसी टेक्स्ट को टेक्स्ट बॉक्स में हम डालते है और कीबोर्ड के बटन को दबाते है, तो हो सकता है ,की उस टेक्स्ट का अनुवाद हो जाय या किसी ऐसे कैरेक्टर को उस टेक्स्ट बॉक्स में          आने ही न दे जिसका प्रवेश वहाँ वंचित है  /


विसुअल बेसिक का इस्तेमाल  एक्सेक्युटेबल फाइल जिसे इ एक्स इ फाइल ,एक्टिव एक्स कंट्रोल्स और डी एल एल फाइल की उत्पत्ति करने के लिए किया जाता है ,लेकिन मुख्यतः इसका इस्तेमाल विंडोज के एप्प्लिकेशन सॉफ्टवेयरों को तैयार करने के लिए किया जाता है / कंट्रोल्स एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की आधारभूत कार्य तय करते है ,और् अगर अपनी इच्छा के अनुरूप कोई कार्य करवाना है ,तो प्रोग्रामर उसके लिए लोजीक कोड के रूप में इवेंट हैण्डलर में डालते है  /
जब किसी आइटम को सेलेक्ट करते है ,तो  इवेंट हैण्डलर को कॉल किया जाता है और ये इवेंट हैण्डलर प्रोग्रामर के द्वारा लिखे गए कोड को एक्सेक्युट या रन कराते है / ये सोर्स कोड इसलिए लिखे जाते है ,की जब आप किसी आइटम को सेलेक्ट करे तो क्या करना है ,जैसे जब किसी आइटम को सेलेक्ट करे तो एक ड्रॉप डाउन लिस्ट दिखाओ जिसमे  बहुत सारे कमांड लिखे हो /


निचे हम विसुअल बेसिक प्रोग्राम्मिंग भाषा की कुछ विशेषताओ के बारे में जानेंगे :

CHARACTERISTICS

विसुअल बेसिक के स्टेटमेंट   एंड इफ    कीवर्ड से खत्म होने चाहिए

बहुत सारे वैरिएबल के वैल्यु को एक बार में एक साथ एक दुसरे में नहीं रखा जा सकता है ,जैसे  a=b=c  इसका मतलब ये नहीं की a ,b और c तीनों की वैल्यु बराबर है  /


बूलियन कान्सटेंट   true  के  लिए न्यूमेरिक वैल्यु   -1   होता है   /

लोजिकल या बिटवाइज ऑपरेटर को इस भाषा में एकीकृत कर दिया जाता है , जबकि सी से प्राप्त किये गए भाषा जैसे की पर्ल में  लोजिकल या बिटवाइज
ऑपरेटर अलग अलग होते है  /

जो अर्रे   array   को हम इस भाषा में डीक्लैयर करते है, उसके अप्पर और लोअर बाउंड की वैल्यु को हम पहले से ही निर्धारित कर देते  है  /


ये तो विसुअल बेसिक प्रोग्राम्मिंग भाषा के बारे में संझिप्त जानकारी है ,आगे के ब्लॉग में मै आपको पूरे विसुअल बेसिक भाषा की प्रोग्राम्मिंग और उससे सॉफ्टवेयर कैसे बनाते है, उसके बारे में बतलाऊंगा 

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