Thursday, April 19, 2012

VISUAL BASIC IN HINDI PART 2


विजुअल बेसिक फॉर्म के कंट्रोल्स या ऑब्जेक्ट के  गुण या  विशेषताएं
यूजर  के इनपुट के बदले में कंट्रोल्स या ऑब्जेक्ट कों अपनी प्रतिक्रिया देनी होती है, और उसके
 लिए  कंट्रोल्स के लिए  इवेंट प्रोसीजर लिखना होता है  / कंप्यूटर यूजर के द्वारा दिए गए  इनपुट जो की इवेंट
 कहलातें  हैं ,जैसे माउस के क्लिक ,कीबोर्ड के बटन को दबाना,कंप्यूटर में मौजूद सेन्सर्स के द्वारा इनपुट   , उसके बदले में फॉर्म पे मौजूद ऑब्जेक्ट या कंट्रोल्स कों क्या प्रतिक्रिया देनी है, यह
एक छोटे से प्रोग्राम के द्वारा तय  की जाती   है, जिसे प्रोसीजर कहा जाता है / 
तो इवेंट प्रोसीजर:  कंप्यूटर में होने वाली घटनाओ के बदले फॉर्म पे मौजूद कंट्रोल्स या ऑब्जेक्ट के प्रतिक्रिया या उनके कार्य  हैं जो उनको करने हैं, इसके लिए कोडिंग होती है ,या छोटा सा प्रोग्राम होता है /

हम फॉर्म पे मौजूद कंट्रोल्स की विशेषताएं जैसे की कंट्रोल्स दिखने में कैसा लगेगा यह प्रोपर्टी विंडो के द्वारा तय करतें हैं  /
निचे फॉर्म के प्रोपर्टी विंडो का एक चित्र दिया 
गया है /




जैसे इस फॉर्म के प्रोपर्टी विंडो में अगर फॉर्म के कैप्शन या अनुशीर्षक  कों अपनी इच्छा के अनुसार नाम देना चाहतें हैं तो इस प्रोपर्टी विंडो के जरिये दे सकतें हैं /  प्रोपर्टी विंडो के उपरी हिस्से में सेलेक्टेड ऑब्जेक्ट फॉर्म 1 है /
प्रोपर्टी विंडो के निचले हिस्से के बायीं कॉलम में सेलेक्टेड ऑब्जेक्ट के गुण या विशेषताओं के नाम की एक सूची है और दाहिनी तरफ के कॉलम में उस ऑब्जेक्ट के गुणों की अवस्थाओं की सूची है / प्रोपर्टी विंडो के दाहिनी तरफ के कॉलम में हम आइटम को सेलेक्ट करके ऑब्जेक्ट के गुण या विशेषताओं कों अपनी इच्छानुसार सेट,तय  करते हैं /  हम प्रोपर्टी विंडो से किसी ऑब्जेक्ट के विशेषताओं को दाहिनी कालम के सूची में मौजूद ऑब्जेक्ट के विशेषताओं की अवस्थाओं को पहले माउस के क्लिक से सेलेक्ट करतें हैं ,और फिर या तो टाइप करके या वहाँ मौजूद आप्शन्स को चुन कर उनके गुण बदल सकतें  हैं /   उदाहरण के लिए प्रोपर्टी   विंडो के दाहिनी कॉलम में फॉर्म 1 जो की इसके बायीं  कॉलम के ऑब्जेक्ट के कैप्शन नाम के    विशेषता  या गुण है उनको बदलने के लिए सेलेक्ट किया जाता है ,और उसके बाद हम दहिनी कॉलम में टाइप करके ऑब्जेक्ट का कैप्शन या उनका अनुशीर्षक अपनी इच्छानुसार बदल सकतें हैं / फॉर्म दिखने में कैसा लगे यह हम प्रोपर्टी विंडो के निचले हिस्से में बायीं तरफ के कॉलम में ऑब्जेक्ट के गुण  या प्रोपर्टी  के नाम अपिअरेंस  और हम उसके दाहिनी कॉलम में मौजूद उनकी अवस्था कों माउस के क्लिक से सेलेक्ट करतें हैं और उसे  3 D या  FLAT  पर सेट कर  तय कर सकतें हैं  /  दूसरी चीज जो आप इस प्रोपर्टी विंडो के जरिये करतें है वो है , ऑब्जेक्ट के फोरग्राउंड या बैक्ग्राउन्ड के रंग को तय करना या बदलना   फॉण्ट टाइप या फॉण्ट साइज़ को बदलना ,मिनिमाईज़  ,मैक्सिमाईज  बटन को क्रियाशील या उनको अक्षम बनाना /

फॉर्म की प्रोपर्टी रनटाइम में भी बदला जा सकता है ,और उनमे स्पेशल एफ्फेक्ट भी डाला जा सकता है ,जैसे की फॉर्म का रंग बदलना उसका आकार या शेप तय करना , एनीमेशन एफ्फेक्ट डालना इत्यादि / उदहारण के लिए ये कोड
                                                                Private Sub Form_Load()

Form1.Show
Form1.BackColor = &H000000FF&

End Sub

फॉर्म जब भी लोड होता है तो उनका रंग लाल में बदल देता है  /   विजुअल बेसिक में रंग कों हेक्साडेसिमल सिस्टम का इस्तेमाल करके दर्शाया जाता है  /   कलर कोड प्रोपर्टी विंडो में होता है जो की फोरकलर और बैककलर   के अंतर्गत दिखाया जाता है  /
 दूसरा उदहारण  कंट्रोल के शेप या आकार  को रनटाइम में एक खास आकार में  बदलने के लिए लिखा गया कोड है  / यह कोड कंट्रोल के आकार को रनटाइम के समय एक सर्कल या वृत के आकार में परिवर्तित कर देगा  /

Private Sub Form_Load()

Shape1.Shape = 3

End Sub

      

Saturday, April 14, 2012

VISUAL BASIC IN HINDI PART 1


कंप्यूटर प्रोग्राम व्यवस्थित निर्देशों की एक सूची होती है ,जिसको जब कार्यान्वित या एक्सेक्युट किया जाता है ,तो कंप्यूटर ,सूची में मौजूद निर्देशों के अनुसार कार्य करने लगता है  / सी पी यू  के माइक्रोचिप सिर्फ   दो व्युद्वीतीय अवस्था कों समझ सकता है ,ऑन या ऑफ ,जो बाइनरी में जीरो या 1  होता है / कंप्यूटर प्रोग्रामर कंप्यूटर के इंटरप्रेटर या कंपाइलर को लिखते है ,जिसका काम हाई लेवल   कंप्यूटर प्रोग्राम्मिंग भाषा के  सोर्स कोड को मशीन लैंगुएज में बदल देना  है  /


विजुअल बेसिक क्या है ,आइये इसके बारे में अब हम जानते हैं :

विजुअल बेसिक एक हाई लेवल कंप्यूटर प्रोग्राम्मिंग भाषा है ,  जिसकी उत्पत्ति बेसिक प्रोग्राम्मिंग लैंगुएज के डॉस वर्जन से हुई  है बेसिक जिसका मतलब होता है, बिगिनर्स ऑल परपस सिम्बायोलिक इंस्ट्रक्शन कोड / यह दुसरे प्रोग्राम्मिंग लैंगुएज की तुलना में आसानी से सिखा जा सकता है / अलग -अलग सोफ्टवेयर की कंपनियों ने विभिन्न प्रकार के बेसिक के वर्जन की उत्पत्ति की है ,जैसे की माईक्रोसोफ्ट क्यु बेसिक ,क्विक बेसिक,जी डव्लू बेसिक , IBM BASICA   इत्यादि / आज के इस दौर में माईक्रोसोफ्ट  विजुअल बेसिक का इस्तेमाल लोग ज्यादा करते हैं  /

बेसिक और विजुअल बेसिक में  मुख्य अंतर यही हैकी विजुअल बेसिक एक इवेंट ड्रिवेन प्रोग्राम्मिंग भाषा है / बेसिक में ग्राफिकल यूजर  इंटरफेस नहीं होता है  मतलब यह है ,की बेसिक में कंप्यूटर और मनुष्य आपस में संवाद या पारस्परिक क्रिया किसी ग्राफिकल ऑब्जेक्ट के द्वारा नहीं करते है, ये  ग्राफिकल ऑब्जेक्ट विन्डोज़ ,आइकन या मेन्यू आदि हो सकते हैं  /
विजुअल बेसिक में प्रोग्राम को ग्राफिकल एन्वायरनमेंट में रन किया जाता है  / जबकि पुराने बेसिक भाषा में हर ग्राफिकल ऑब्जेक्ट जो आप कंप्यूटर स्क्रीन पर देखते हैं , उसके  लिए प्रोग्राम के कोड लिखे जाते है / विजुअल बेसिक में आप  सिर्फ ड्रैग एंड ड्रॉप के जरिये ग्राफिकल ऑब्जेक्ट को फॉर्म पे कहीं भी खीच कर ले जा सकते है /
हम इस ग्राफिकल ऑब्जेक्ट का रंग जो की ऑब्जेक्ट का गुण या प्रोपर्टी है ,उसे हम प्रोपर्टी विंडो का इस्तेमाल करके बदल सकते हैं  /
अब आपके मन में यह प्रश्न जरूर उठा होगा की फॉर्म होता क्या है ?  नीचे एक सिम्पल विजुअल बेसिक फॉर्म का उदाहरण है  /






यह किसी दुसरे फॉर्म की तरह ही होता है इसमें फॉर्म के हेडर एरिया पर  कैप्शन दिए गए हैं, जहाँ फॉर्म का नाम फॉर्म १ है , कंट्रोल मेन्यू  है, और मिनिमाईज़,मैक्सिमाईज और क्लोज बटन्स हैं  / विंडो  एक कंप्यूटर स्क्रीन पर एक  रेक्टेंगुलर एरिया होता है  ,   और उस रेक्टेंगुलर एरिया के  अंदर कोई भी रखा चीज उस विंडो  का हिस्सा होता है / ठीक उसी तरह फॉर्म के अंदर खुलने वाले फॉर्म कंट्रोल्स के विंडो के लिए यह फॉर्म एक फ्रेम  की तरह काम  करता है  /  और भी फॉर्म से जुडी जानकारी आपको इस ब्लॉग के अगले हिस्से में मिलेगी  /
हर ऑब्जेक्ट की प्रोग्राम्मिंग स्वतंत्र रूप से अलग से की जाती है, ताकि वह ऑब्जेक्ट यूजर के क्लीक या दुसरे इवेंट या घटनाओ पर अपनी प्रतिक्रिया  दे सके  /
इसलिए विसुअल बेसिक प्रोग्राम बहुत सारे सब प्रोग्राम या छोटे-छोटे प्रोग्राम से मिल कर बने होते हैं /  हर प्रोग्राम को हम स्वतंत्र रूप से कार्यान्वित या एक्सेक्युट करते है / बाद में सभी प्रोग्राम को एक दुसरे से लिंक कर दिया जाता है  /


विजुअल बेसिक में आप किसतरह के प्रोग्राम लिख सकते हैंआइये जानते है   :


विजुअल बेसिक ६ में आप अपने प्रोग्राम को अपनी जरूरत के अनुसार बना सकते है  / उदाहरण के लिए यदि आप किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी के लेक्चरर हैं, तो आप शिक्षा से जुड़े प्रोग्राम या  एप्लीकेशन सोफ्टवेयर बनायेंगे ,जिससे शिक्षा ज्यादा प्रभावी या रोचक बने /   यदि आप व्यापर करते हैं, तो व्यापर से जुड़े   प्रोग्राम या एप्लीकेशन सोफ्टवेयर बनायेंगे जो आपके व्यापर के उत्पादकता को बहुत तेजी से बढ़ा देता है  /  यदि आप गेम के प्रोग्रामर हैं, तो उसकी प्रोग्राम्मिंग भी यहाँ कर सकते हैं  /   अंततः कोई सीमा नहीं है, की आप इसमें किस तरह के प्रोग्राम या ऐप्प्लिकेशन बना सकते है /


विजुअल बेसिक ६ इंटेग्रेटेड डेवेलपमेंट एनवायरनमेंट के बारे में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी :
विजुअल बेसिक ६ में प्रोग्राम्मिंग करने से पहले आपको अपने कंप्यूटर में विजुअल बेसिक ६ को इंस्टाल करना होता है /





शुरू करने पर विजुअल बेसिक ६ में आपको एक डायलोग बॉक्स नजर आता है / इसका इस्तेमाल हम किसी नए प्रोजेक्ट को उत्पन्न करने के लिए किसी पहले से मौजूद प्रोजेक्ट को खोलने के लिए करते हैं /
प्रोजेक्ट बहुत सारे फाइल का संग्रह होता है  / जिसका इस्तेमाल एप्लीकेशन सोफ्टवेयर बनाने के लिए किया जाता है  / स्टैंडर्ड  एक्स   प्रोग्राम को उत्पन्न करने के लिए हम  स्टैंडर्ड  ई  एक्स  आइकन पे क्लीक करते हैं ,और विजुअल बेसिक ६ प्रोग्राम्मिंग एन्वायरनमेंट में प्रवेश करते हैं  /


विजुअल बेसिक में एप्लीकेशन सोफ्टवेयर बनाने की विधि  :

यहाँ पे हम विजुअल बेसिक के तकनीकी पहलू पर गौर नहीं करेंगे /


नीचे दिए गए उदाहरण में आइये देखते हैं, की विजुअल बेसिक प्रोग्राम कैसा दीखता है   :



निचे दिए गए फिगर में आप  एक आसान से विजुअल बेसिक प्रोग्राम का कोड और उसका आउटपुट देखेंगे /
सबसे पहले हम माईक्रोसोफ्ट  विजुअल बेसिक ६ कों लॉन्च करते हैं  / सामान्यत: एक डिफौल्ट फॉर्म जिसका नाम फॉर्म १ होता है , आपके नए प्रोजेक्ट के शुरू करने के लिए मौजूद होता है / अब फॉर्म १ पर डबल क्लीक करते हैं ,सोर्स कोड विंडो जो फॉर्म १ में मौजूद है आपको दिखाई देगा  इसके लिए निचे के फिगर देखें :


सोर्स कोड विंडो













सोर्स कोड विंडो के टॉप में आपको ऑब्जेक्ट की एक सूची मिलेगी, और उन ऑब्जेक्ट्स से जुडी इवेंट और प्रोसिजर /  उपर के फिगर में दिखाई दे रहा ऑब्जेक्ट फॉर्म है, और उससे जुडा  प्रोसिजर लोड है  /


इवेंट क्या है   ?  
 जब हम डाटा ग्रिड विउ पे क्लीक करते हैं तो  यह क्लीक एक इवेंट है  /


प्रोसीजर          प्रोग्राम का एक ऐसा छोटा सा ब्लाक जो एक सिंगल कार्य के लिए बना है  /

जब आप ऑब्जेक्ट ब्लाक पे क्लीक करते हैं, तो एक ड्रॉप डाउन लिस्ट खुलता है ,जिसमे उन सभी ऑब्जेक्ट की सूची होती है जिसको आपने फॉर्म पे डाला है / यहाँ पर आप एक फॉर्म देखते हैं 
जिसका नाम फॉर्म १ है ,एक कमांड बटन जिसका नाम कमांड १ है , और एक लेबल जिसका नाम लेबल १ है ,एक पिक्चर बॉक्स जिसका नाम पिक्चर  है / उसी तरह जब हम प्रोसिजर बॉक्स पर क्लीक करते है तब वैसे प्रोसिजर जिसके साथ ऑब्जेक्ट जुड़े होते हैं, उसकी एक सूची दिखाई देती है /

list of object











list of procedure











कुछ प्रोसिजर जो ऑब्जेक्ट फॉर्म १ के साथ जुड़े हैं, उनको किर्यान्वित या एक्टिवेट किया जाता है / वो CLICK,DOUBLE CLICK,DRAG DROP ,KEYPRESS  इत्यादि हैं  /
हर ऑब्जेक्ट का अपना प्रोसिजर का सेट होता है / यहाँ पर ऑब्जेक्ट को सेलेक्ट किया जाता है और उसके प्रोसिजर के लिए कोड लिखा जाता है ,ताकि वो किसी खास काम  कों कर सके /
Private Sub Form _Load  से स्टेटमेंट  की शुरुआत होती है और       End Sub  से स्टेटमेंट खत्म होता हैइन दोनों के बीच ही आपको लाइन ऑफ कोड लिखना होता है  /


जब आप प्रोग्राम चलाने को F5 कीबोर्ड के बटन दबाते हैं तो आश्चर्य होगा की उसके बाद आपको कुछ भी देखने को न मिला / अगर आप प्रोग्राम के आउटपुट  देखना चाहते हैं तो उसमे Form1.Show   जोड़ना होगा ,या तो आपको  Form _Activate ()  इवेंट प्रोसिजर का इस्तेमाल करना होगा / यहाँ पर अगर आप कमांड Print  देते है , तो इसका मतलब ये नहीं की वो प्रिंटर का इस्तेमाल करे ,  बल्कि वो प्रोग्राम का आउटपुट आपको कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखलाता है / अब F5 बटन या रन बटन पर क्लिक करते है / इसका आउटपुट निचे फिगर में दिखाया जा रहा है


Private Sub Form_Load()
Form1.Show
Print "WELCOME TO VISUAL BASIC TUTORIAL"
End Sub  

output window




















Private Sub Form_Activate ( )

Print 20 + 10
Print 20 - 10
Print 20 * 10
Print 20 / 10

End Sub










 
आप इस पर गणितीय गणना भी कर सकते हैं , जैसा की निचे दिए गए उदाहरण में दिखाया जा रहा है /    *  का मतलब होता है मल्टीप्लिकेशन ओपरेटर  / मतलब होता है डिविजन ऑपरेटर जिनका इस्तेमाल क्रमशः गुना और भागफल  निकालने  में होता है  /



Private Sub Form_Activate ( )

Print 20 + 10
Print 20 - 10
Print 20 * 10
Print 20 / 10

End Sub





 output






Private Sub

A = Tom
B = “likes"
C = “to"
D = “eat"
E = “burger"
Print A + B + C + D + E

End Sub






Private Sub

A = Tom
B = “likes"
C = “to"
D = “eat"
E = “burger"
Print A & B & C & D & E

End Sub


The Output of












विसुअल बेसिक एप्लीकेशन को निन्म चरण से होकर गुजरना होता है :


१ पहले इंटरफेस की परिकल्पना या डिजाईन करे

२ कंट्रोल या ऑब्जेक्ट की प्रोपर्टी या गुण निर्धारित करे

३ उससे जुड़े इवेंट प्रोसिजर लिखे



इवेंट प्रोसीजर क्या है :
विजुअल बेसिक में फॉर्म पर मौजूद कंट्रोल्स के लिए इवेंट प्रोसजर होता है / जब हम इन कंट्रोल्स पर डबल क्लिक करते हैं तो हम इसका इवेंट प्रोसीजर देख पातें हैं / विजुअल बेसिक एक सोर्स कोड एडिटर विंडो खोलता है, और टेक्स्ट कर्सर का पोजिशन आप टेक्स्ट के बीच में देख पाते है, जिसको स्लैस से दिखाया गया है /


 Private Sub cmdExit_Click() 


 / Unload the form and terminate application 


 Unload frmInterest 


 End 
 End Sub






             
प्रोग्राम इवेंट हैण्डलर को खोजता है, इवेंट हैण्डलर इसके साथ जुड़े कोड को रन करा देता है /

इंटरफेस क्या है :
यह एक औजार, टूल या विचार हैजिसके द्वारा दो कॉम्पोनेन्ट आपस  में संवाद ,पारस्परिक क्रिया या व्यवहार करते हैं ,ये दो   कॉम्पोनेन्ट हार्डवेयर या सोफ्टवेयर दोनों हो सकते हैं / हार्डवेयर कॉम्पोनेन्ट जैसे की ग्राफिक्स कार्ड या सोफ्टवेयर कॉम्पोनेन्ट जैसे की इन्टरनेट ब्राउज़र  और दुसरे कॉम्पोनेन्ट जैसे की कंप्यूटर यूजर इनपुट या आउटपुट सिस्टम का इस्तेमाल कर  या उनसे जुड़े प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर संवाद स्थापित करते हैं  
  


   

Friday, April 13, 2012

VISUAL BASIC IN HINDI

मेरा यह ब्लॉग उन छात्रों के लिए है, जो कंप्यूटर सॉफ्टवेर डेवेलपर तो बनना चाहते है, पर सभी कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा की जानकारी अंग्रेजी में होने के कारण उनको पढने में काफी कठिनाई  का सामना करना पड़ता है / मै सबसे पहले आपको विजुअल बेसिक कंप्यूटर प्रोग्राम्मिंग भाषा के बारे में आपको बतलाऊंगा /

    तो आइये जानते है की विजुअल  बेसिक क्या है  ?

विजुअल बेसिक तीसरी पीढ़ी की इवेंट ड्रिवेन प्रोग्राम्मिंग भाषा है, जिसके पास अपना इंटेग्रेटेड डेवेलपमेंट एनवायरनमेंट होता है /
अब  जानते है की 
इवेंट ड्रिवेन प्रोग्राम्मिंग क्या है ? , इवेंट ड्रिवेन प्रोग्राम्मिंग कंप्यूटर प्रोग्राम्मिंग का एक ऐसा तरीका है, जिसमे प्रोग्राम के कंट्रोल फ्लो को हम कंप्यूटर में होनेवाली घटनाओ के आधार पे तय करते है / ये  घटनाये कंप्यूटर को चलाने के लिए मौजूद सेन्सर्स के आउटपुट हो सकते है, या कंप्यूटर यूजर के द्वारा किये गए कार्य हो सकते है , जैसे कंप्यूटर के माउस के क्लिक या यूजर के द्वारा कीबोर्ड के बटन को दबाना हो सकता है /

इंटेग्रेटेड डेवेलपमेंट एनवायरनमेंट    एक सॉफ्टवेयर ऐप्लिकेसन  होता है ,जिसमे कंप्यूटर के प्रोग्रामर के सोफ्टवेयर डेवेलप करने के लिए सारी सुविधाएँ व्यापक रूप से मौजूद होती है /
  एक इंटेग्रेटेड डेवेलपमेंट एनवायरनमेंट  या   आई डी इ  में मुख्यतः तीन चीजे  होती है
एक सोर्स कोड एडिटर
ब्युल्ड औटोमेसन टूल
और एक डिबगर

 सोर्स कोड एडिटर    एक ऐसा टेक्स्ट एडिटर जो कंप्यूटर प्रोग्रामर के द्वारा लिखे गए सोर्स कोड की एडिटिंग  करने के लिए बनाया जाता है  /

ब्युल्ड औटोमे     ब्युल्ड औटोमेन एक ऐसी किर्या है, जो सोफ्टवेयर डेवेलपर के प्रतिदिन के कार्यों को औटोमेट कर देता है  / सोफ्टवेयर डेवेलपर के कार्य निम्न हो सकते है  :

कंप्यूटर के सोर्स कोड को बाइनरी कोड में कम्पाइल करना
बाइनरी कोड की पैकेजिंग करना
रनिंग टेस्ट  और
सोफ्टवेयर के डॉक्युमेंटेसन तैयार करना    

  डिबगर   एक डिबगर का काम होता है ,सोर्स कोड  में मौजूद गलतियों को ढूँढना और कंप्यूटर स्क्रीन पे दिखाना  /



विसुअल बेसिक किसी भी प्रोग्राम्मिंग भाषा को सिखने  की तुलना में सबसे आसान है / विसुअल बेसिक को बेसिक कंप्यूटर प्रोग्राम्मिंग भाषा से प्राप्त किया गया है ,इसकी अपनी खासियत यह है की ,इसमें  रैपिड एप्लीकेशन डेवेलपमेंट, आर ए डी और ग्राफिकल यूसर इंटरफ़ेस एप्लीकेशन होता है /

रैपिड एप्लीकेशन डेवेलपमेंट  यह सॉफ्टवेयंर डेवेलप करने का एक तरीका है, जिसमे हम सॉफ्टवेयर के प्रोटोटाइप तैयार करने की प्लानिंग करते है / जो सोफ्टवेयर हम डेवेलप करते है, उसकी प्लानिंग  रैपिड एप्लीकेशन डेवेलपमेंट
का इस्तेमाल करके करते है /   

ग्राफिकल यूसर इंटरफेस    एक ऐसा स्पेस होता है, जो कंप्यूटर यूजर और इलेक्ट्रोनिक  डीवाइस्  के बीच टेक्स्ट के जगह पे चित्र का इस्तेमाल करके संवाद स्थापित करता है  /


LANGUAGE FEATURES

बेसिक कंप्यूटर प्रोग्राम्मिंग भाषा की तरह ही विसुअल बेसिक को नए प्रोग्रामर को ये भाषा आसानी से सिखने और इस्तेमाल करने के लिए बनाई गयी थी  /
इस भाषा का इस्तेमाल करके प्रोग्रामर न सिर्फ छोटे- मोटे एप्लिकेशन को बना सकते है ,बल्कि इसका इस्तेमाल जटिल सॉफ्टवेयर तैयार करने के लिए भी होता है /
विसुअल बेसिक प्रोग्राम्मिंग मे फॉर्म पे मौजूद कंट्रोल्स और कॉम्पोनेन्ट को हम अरेंज करते है ,साथ ही साथ ये अरेंजमेंट प्रोग्रामर कंप्यूटर स्क्रीन पे देखते हैप्रोग्रामर उन कॉम्पोनेन्ट के गुण या उनके कार्य तय करते है,अगर उनमे अपनी इच्छा के अनुरूप कुछ और विशेषता जोड़ना है, तो उसके लिए अलग से कोड लिखने की जरूरत होती है / फॉर्म पे मौजूद कॉम्पोनेन्ट की विशेषताएं और उनके कार्य पहले ही से निर्धारित होती है /,इसलिए एक आसान से प्रोग्राम जिसमे एक अच्छी -खासी सोर्स कोड की लाइन लिखना पड़ता है ,उसे  बनाने के लिए किसी प्रोग्रामर की जरूरत नहीं होती है  / प्रोग्राम को कम्पाइलर में  कम्पाइल  किया जा सकता है, लेकिन फिर भी रनटाइम  लाइब्रेरी की आवश्यकता होती है, जिसकी साइज लगभग  1 मेगा बाइट तक की हो सकती  है



फॉर्म को बनाने के लिए ड्रैग एंड ड्रॉप तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है ,अब आपके मन में यह प्रश्न जरूर उठा होगा की आखिर ये ड्रैग एंड ड्रॉप तकनीक है क्या ? कंप्यूटर के ग्राफिकल यूजर इंटरफेस में ड्रैग एंड ड्रॉप ऐसी क्रिया है , जिसमे किसी आभासी वस्तु को कंप्यूटर यूजर पहले पकड़ते है, और फिर उसे फिर उसे किसी दुसरे जगह या आभासी वस्तु पर खीच कर ले जाते है और वहाँ उसे छोड़ देते है /  इस औजार या टूल का इस्तेमाल हम फॉर्म पे कंट्रोल्स  जैसे टेक्स्ट बॉक्स ,बटन रखने के लिए करते हैं   / कंट्रोल्स की अपनी विशेषताएं होती है, और उससे जुडी इवेंट हैण्डलर होती है /   इवेंट हैण्डलर  : कम्पुटिंग  में, इवेंट एक ऐसा कार्य होता है, जिसकी शुरुआत प्रोग्राम के स्कोप के बाहर होती है, और जिसको प्रोग्राम में मौजूद छोटे से कोड के टुकड़े से हैण्डल किया जाता है  /
कंट्रोल्स की बहुत सारी  विशेषताओं को यूजर के क्रियाकलाप और कार्यों के अनुसार रनटाइम के समय में बदला जा सकता है / किसी इवेंट हैण्डलर में  जब हम कोड को डालते हैजो किसी टेक्स्ट बॉक्स के कीबोर्ड के बटन को दबाने से जो इवेंट या घटना होना है उसके लिए है, तो जब किसी टेक्स्ट को टेक्स्ट बॉक्स में हम डालते है और कीबोर्ड के बटन को दबाते है, तो हो सकता है ,की उस टेक्स्ट का अनुवाद हो जाय या किसी ऐसे कैरेक्टर को उस टेक्स्ट बॉक्स में          आने ही न दे जिसका प्रवेश वहाँ वंचित है  /


विसुअल बेसिक का इस्तेमाल  एक्सेक्युटेबल फाइल जिसे इ एक्स इ फाइल ,एक्टिव एक्स कंट्रोल्स और डी एल एल फाइल की उत्पत्ति करने के लिए किया जाता है ,लेकिन मुख्यतः इसका इस्तेमाल विंडोज के एप्प्लिकेशन सॉफ्टवेयरों को तैयार करने के लिए किया जाता है / कंट्रोल्स एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की आधारभूत कार्य तय करते है ,और् अगर अपनी इच्छा के अनुरूप कोई कार्य करवाना है ,तो प्रोग्रामर उसके लिए लोजीक कोड के रूप में इवेंट हैण्डलर में डालते है  /
जब किसी आइटम को सेलेक्ट करते है ,तो  इवेंट हैण्डलर को कॉल किया जाता है और ये इवेंट हैण्डलर प्रोग्रामर के द्वारा लिखे गए कोड को एक्सेक्युट या रन कराते है / ये सोर्स कोड इसलिए लिखे जाते है ,की जब आप किसी आइटम को सेलेक्ट करे तो क्या करना है ,जैसे जब किसी आइटम को सेलेक्ट करे तो एक ड्रॉप डाउन लिस्ट दिखाओ जिसमे  बहुत सारे कमांड लिखे हो /


निचे हम विसुअल बेसिक प्रोग्राम्मिंग भाषा की कुछ विशेषताओ के बारे में जानेंगे :

CHARACTERISTICS

विसुअल बेसिक के स्टेटमेंट   एंड इफ    कीवर्ड से खत्म होने चाहिए

बहुत सारे वैरिएबल के वैल्यु को एक बार में एक साथ एक दुसरे में नहीं रखा जा सकता है ,जैसे  a=b=c  इसका मतलब ये नहीं की a ,b और c तीनों की वैल्यु बराबर है  /


बूलियन कान्सटेंट   true  के  लिए न्यूमेरिक वैल्यु   -1   होता है   /

लोजिकल या बिटवाइज ऑपरेटर को इस भाषा में एकीकृत कर दिया जाता है , जबकि सी से प्राप्त किये गए भाषा जैसे की पर्ल में  लोजिकल या बिटवाइज
ऑपरेटर अलग अलग होते है  /

जो अर्रे   array   को हम इस भाषा में डीक्लैयर करते है, उसके अप्पर और लोअर बाउंड की वैल्यु को हम पहले से ही निर्धारित कर देते  है  /


ये तो विसुअल बेसिक प्रोग्राम्मिंग भाषा के बारे में संझिप्त जानकारी है ,आगे के ब्लॉग में मै आपको पूरे विसुअल बेसिक भाषा की प्रोग्राम्मिंग और उससे सॉफ्टवेयर कैसे बनाते है, उसके बारे में बतलाऊंगा